Vedic Terms

(वैदिक शब्दावली)

1.      Ekadhika (एकाधिक): Ekadhika means “one more”.

एकाधिक का अर्थ होता हैं - एक अधिक।

Example:

Ekadhika of 0 is =0+1=1

Ekadhika of 1 is =1+1=2

Ekadhika of 2 is =2+1=3

Ekadhika of 12 is =12+1=13

Ekadhika of 24 is =24+1=25

 

2.      Ekanyuna (एकन्यून): Ekanyuna means “one less”.

एकन्यून का अर्थ होता हैं - एक कम।

Example:

Ekanyuna of 1 is =1-1=0

Ekanyuna of 2 is =2-1=1

Ekanyuna of 7 is =7-1=6

Ekanyuna of 0 is =0-1= -1

 

3.      Param Mitra or Purak digit (पूरक अंक या परम मित्र): Purak means “complement”.

जिन दो अंकों का योग 10 होता हैं, वे परस्पर एक दूसरे के पूरक अंक या परम मित्र कहलाते हैं।

Example:

Purak of 1 is = 9

Purak of 2 is = 8

Purak of 3 is = 7

Purak of 4 is = 6

Purak of 5 is = 5

 

4.      Base, Sub-base and Deficit (आधार, उपाधार एवं विचलन)

आधार - गणनाओं को सरल बनाने के लिए वैदिक गणित में 10, 100 या 10 की घात को आधार माना जाता हैं।

उपाधार - उपाधार आधार का गुणज होता हैं, जो एक शून्यान्त संख्या होती हैं।

      यदि आधार = 10 तो उपाधार = 10 x a,  यहाँ a एक पूर्ण संख्या हैं।

विचलन - दी गई संख्या में से आधार या उपाधार घटा दिया जाए तो शेषफल विचलन कहलाता हैं।

      विचलन = संख्या आधार

      विचलन = संख्या उपाधार

यदि संख्या आधार या उपाधार से बड़ी हैं तो विचलन धनात्मक होता हैं, और यदि संख्या छोटी हैं तो विचलन ॠणात्मक होता हैं। आधार में जितने शून्य हो उतने अंक विचलन में रखते हैं।

      आधार 10 के सापेक्ष संख्या 18 का विचलन

= +8

      आधार 100 के सापेक्ष संख्या 97 का विचलन

= -03

 

5.      Rekhank (रेखांक): Rekhank means “a digit with a bar on its top, it is a negative number.

रेखांक एक ॠणात्मक अंक होता हैं, जिसे उसके ऊपर रेखा खींच कर व्यक्त करते हैं।

Example:

 It is called rekhank 7 or bar 7. We treat purak as a Rekhank.

Example:

We also write negative numbers with a bar on the top of the numbers.

a.      Addition and subtraction using Rekhank

Adding a bar digit or Rekhank to a digit means the digit is subtracted.

किसी रेखांक को किसी धनात्मक अंक में जोड़ने का मतलब घटाना होता हैं।

Example:

Subtracting a bar digit or Rekhank to a digit means the digit is added.

किसी रेखांक को किसी धनात्मक अंक में से घटाने का मतलब जोड़ना होता हैं।

Example:

b.     Multiplication and Division using rekhank

Ø      Product of two positive digits or two negative digits (Rekhanks)

दो धनात्मक या ॠणात्मक संख्याओं का गुणनफल हमेशा धनात्मक संख्या प्राप्त होती हैं।

Example:

 

Ø      Product of one positive digit and one Rekhank

एक धनात्मक तथा एक रेखांक संख्या का गुणनफल हमेशा ॠणात्मक या रेखांक संख्या प्राप्त होती हैं।

Example:

 

Ø      Division of one positive by another or division of one Rekhank by another Rekhank.

किसी धनात्मक संख्या को धनात्मक संख्या से या किसी ॠणात्मक संख्या को ॠणात्मक संख्या से भाग करने पर हमेशा धनात्मक संख्या प्राप्त होती हैं।

Example:

 

Ø      Division of a positive by a Rekhank or vice versa.

किसी धनात्मक संख्या को ॠणात्मक संख्या से या किसी ॠणात्मक संख्या को धनात्मक संख्या से भाग करने पर हमेशा ॠणात्मक संख्या या रेखांक संख्या प्राप्त होती हैं।

Example:

 

6.      Beejank (बीजांक): The Sum of the digits of a number is called Beejank. If the addition gives a two digit number, then these two digits are added further to get a single digit.

राशि के सभी अंकों का योग बीजांक कहलाता हैं।

Example:

Beejank of 36 is 3 + 6 = 9.

Example:

Beejank of 66 à 6 + 6 = 12 à 1+2=3

Beejank of 66 is 3

 

7.      Vinculum Number (ॠणात्मक संख्या)

The numbers which by presentation contain both positive and negative digits are called vinculum numbers.

वे संख्या जिन्हैं धनात्मक तथा ॠणात्मक दोनो ही प्रकार से व्यक्त किया जा सके ॠणांक या ॠणात्मक संख्या कहलाती हैं।

Example:

छोटी रेखायुक्त ये अंकविनकुलम् अंक या ॠणांक कहलाते हैं। यह छोटी रेखा ॠणांक रेखा या शिरो रेखा कहलाती हैं। ॠणांक संख्या में ॠणांक अंक किसी भी स्‍थान पर हो सकते हैं।

a.      Conversion of general numbers into vinculum numbers

We obtain them by converting the digits which are 5 and above 5 or less than 5 without changing the value of that number.

Consider a number 8. (It is Greater than 5). Use it complement (purak – rekhank or Param Mitra) from 10. It is 2 in this case and add 1 to the left (i.e. tens place) of 8.

Thus                    

The number contains both positive and negative digits.    

Here  is in unit place hence it is -2 and value of 1 at tens place is 10.

Thus

We can convert and write in the following way

 

 

सामान्य संख्या को ॠणांक (विनकुलम्) संख्या में बदलना -

1.    संख्या में 5 या 5 से छोटे अंक को परिवर्तित नही करते हैं।

2.    संख्या में 5 से बड़े अंक का परम मित्र लिखकर उस पर शिरो रेखा खींच देते हैं।

3.    उस अंक के पूर्व के (पूर्वेण) अंक पर एकाधिक चिन्ह लगा देते हैं।

4.    यदि एकाधिक चिन्ह लगाने पर वह अंक 5 से बड़ा हो जाये तो उसे भी ॠणांक संख्या में बदलने के लिए यह प्रक्रिया दोहराते हैं।

Example:

 

संकेत

1.   अंक 3 को यथावत रखते हैं।

2.   9 के परम मित्र अंक 1 पर शिरो रेखा लगाते हैं।

3.   9 के पूर्व अंक 0 पर एकाधिक चिन्ह लगाते हैं।

 

Ø      सामान्य संख्या को त्रणांक में बदलने के लिए निखिलम् नवतश्चरमं दशत: तथा एकाधिकेन पूर्वेण उपयोग में लाये जाते हैं।

 

Example: 289 को ॠणांक संख्या में बदलना।

 

Example: 11276 को ॠणांक संख्या में बदलना।

उपरोक्त संख्या में अंक 11 छोटे हैं, इन्हैं परिवर्तित करने की आवश्यकता नही हैं, अत: इन दोनो सूत्रों को 276 पर लगाते हैं।

Ø      संकलनव्यवकलनाभ्याम् (sankalanam vyavakalanabhyam) सूत्र की सहायता से भी सामान्य संख्या को ॠणांक संख्या में परिवर्तित किया जा सकता हैं।

 

Example: 315 को ॠणांक संख्या में बदलना।

Ekadhika and Nikhilam:

315, since digit 3 is less than 5,

We apply the sutras on 15 only as

Ekadhika of 1 is 2 and Charam (complement) of 5 is 5.

 

Example: 12637 को ॠणांक संख्या में बदलना।

Ekadhika and Nikhilam:

As in the number 1 2 6 3 7, the smaller and bigger digits (less than 5 and greater than 5) are mixed up, we split up in to groups and conversion is made up as given below.

Split 1 2 6 and 3 7

Example: निखिलम् विधि द्वारा 898 को ॠणांक संख्या में बदलना।

 

  संकेत

1.    चरम अंक 8 को 10 में से घटाते हैं।

2.    शेष निखिलम् अंक 9 तथा 8 को 9 में से घटाते हैं।

3.    शेषफल 102 के अंक 1 तथा 2 पर शिरो रेखा खींचते हैं।

4.    शेषफल से पूर्व 0 पर एकाधिक चिन्ह लगाते हैं।

 

b.     Conversion of vinculum number into general numbers

The process of conversion is exactly reverse to the already what we have done earlier. Rekhanks are converted by Nikhilam where as other digits by ‘Ekanyunena’ sutra.

 

Example:

 

Example:

 

Example:

 

Example:

 

ॠणांक (विनकुलम्) संख्या को सामान्य संख्या में बदलना-

1.    ॠणांक अंक का धनात्मक मान लेते हैं।

2.    इस मान का परम मित्र लिखते हैं।

3.    ॠणांक अंक के पूर्व अंक पर एकन्यून चिन्ह लगाते हैं।

 

Example:

 

  

संकेत

1.   दहाई सथान के ॠणात्मक अंक  से प्रारम्भ करते हैं।

2.    के धनात्मक मान 3 का परम मित्र अंक 7 लिखकर इसके पूर्व के अंक 4 पर एक न्यून चिन्ह लगाते हैं।

3.    के धनात्मक मान 2 का परम मित्र अंक 8 लिखकर इसके पूर्व के अंक 7 पर एक न्यून चिन्ह लगाते हैं।

 

निखिलम् विधि द्वारा ॠणांक (विनकुलम्) संख्या को सामान्य संख्या में बदलना-

1.    ॠणांक के ऊपर शिरो रेखा की चिन्ता नही करते हुए चरमं अंक को 10 में से घटाते हैं।

2.    शेष निखिलम् अंकों को 9 में से घटाते हैं।

3.    शेषफल से पूर्व अंक पर एक न्यून चिन्ह लगाते हैं।

 

Example:

 

  संकेत

1.    ॠणांक के ऊपर शिरो रेखा की चिन्ता नही करते हुए चरमं अंक को 10 में से घटाते हैं, 10-2=8

2.    निखिलम् अंक को 9 में से घटाते हैं, 9-3=6

3.    4 पर एक न्यून चिन्ह लगाते हैं।

 

It is interesting to see that the conversions can be shown in many different ways.

 

Example: 87 को निम्न प्रकार से व्यक्त किया जा सकता हैं।

 

 

वैदिक गणित पद्धति से पहाड़े लिखना -

1.    जिस संख्या का पहाड़ा लिखना हो, उसे ॠणांक संख्या में बदलते हैं।

2.    ॠणांक संख्या के इकाई तथा दहाई के अंक को पहचानते हैं।

3.    इन अंकों को सामान्य संख्या में पहाड़ा पूर्ण होने तक क्रमश: जोड़ते जाते हैं।

 

Example: 19 का पहाड़ा -

 

संकेत

1.    19=2; ॠणांक संख्या में बदलते हैं।

2.    2 में इकाई का अंक  तथा दहाई का अंक 2 हैं।

3.    19 के इकाई के अंक 9 में  तथा दहाई के अंक 1 में 2 जोड़ते हैं,

   =19 +2=38;

4.    38 के इकाई के अंक  8 में  तथा दहाई के अंक 3 मेंs 2 जोड़ते हैं,

   =38 +2=57;

5.    पहाड़ा पूरा होने तक दोहराते हैं।

 

Example: 284 का पहाड़ा -

संकेत

1.    284=34; ॠणांक संख्या में बदलते हैं।

2.    34 में इकाई का अंक 4 तथा दहाई का अंक  तथा सैंकड़े का अंक 3 हैं।

3.    284 के इकाई के अंक 4 में 4 तथा दहाई के अंक 8 में  तथा सैंकड़े के अंक  2 में 3 जोड़ते हैं,

    =284+34=568;

4.    568 के इकाई के अंक 8 में 4 तथा दहाई के अंक 6 में  तथा सैंकड़े के अंक  5 में 3 जोड़ते हैं,

    =568+34=82=568;

5.    पहाड़ा पूरा होने तक दोहराते हैं।

 

Addition and subtraction using vinculum numbers

 

Example:  Add 7 and 6

i          Change the numbers in vinculum numbers.

ii        Carry out the addition column by column in the normal process, moving from top to bottom or vice versa.

iii      Add the digits of the next higher level i.e., 1 + 1 = 2

iv     Converts the vinculum number into normal number.

        

 

Example: Add 973 and 866.

Thus 973+866 by vinculum method gives 1839

 

Example: 4247 में से 1828 घटाना।

 

1.    write –1828 in bar form

2.    Now we add 4247 and  

3.    Changing the answer into normal form using Nikhilam, we get